मधेपुरा जिले में छठ पूजा के महापर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। 3 नवंबर को जिला प्रशासन की टीम ने शंकरपुर और कुमारखंड प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने घाटों की सफाई, पानी की गुणवत्ता, रोशनी और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को छठ पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आस्था का निर्वहन कर सकें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि घाटों पर कीचड़, काई और अन्य गंदगी को तुरंत हटाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को फिसलन आदि की समस्या न हो। साथ ही पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार का संक्रमण न फैले। प्रशासन ने घाटों पर पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रोशनी व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए ताकि शाम और रात के समय श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। इसके लिए जनरेटर और इमरजेंसी लाइट की भी व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घाटों पर लगे पोल और तारों की जांच कर लें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और गोताखोरों की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इसके अलावा घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान घाटों पर भारी भीड़ होती है और ऐसे में सफाई और रोशनी की उचित व्यवस्था होना बहुत जरूरी है। प्रशासन की सक्रियता से श्रद्धालुओं में खुशी है और उन्हें उम्मीद है कि इस बार छठ पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगा। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि छठ पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।