मधेपुरा जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 3 नवंबर को मधेपुरा-सुपौल मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा ऑडिट के तहत ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित मोड़ों पर रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए गए। यह अभियान परिवहन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में चलाया गया, जिसका उद्देश्य रात्रि के समय होने वाले दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा ऑडिट के दौरान पिछले कुछ वर्षों में हुए हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसमें मधेपुरा-सुपौल मार्ग के कई मोड़ अत्यधिक संवेदनशील पाए गए। इन स्थानों पर अचानक मोड़, घनी आबादी और खराब दृश्यता के कारण दुर्घटनाएं अधिक होती थीं। अब वहां चमकदार रिफ्लेक्टर और चेतावनी साइन बोर्ड लगाकर वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले इन मोड़ों पर रात में अंधेरा रहने से वाहन चालकों को मोड़ का अंदाजा नहीं होता था, जिससे कई बार गंभीर हादसे हुए। अब रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड से दूर से ही चेतावनी मिल जाएगी, जिससे जानमाल का नुकसान कम होगा। परिवहन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और तेज गति से बचें।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्कूली बच्चों और वाहन चालकों के लिए जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मधेपुरा-सुपौल मुख्य मार्ग पर यह कदम सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव है। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के इस प्रयास से आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। आम लोगों से भी अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग दें।