मधेपुरा जिले के मुरलीगंज रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन के ठहराव की लंबे समय से चली आ रही मांग को बुधवार, 3 नवंबर को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पटना-पूर्णिया वंदे भारत एक्सप्रेस के मुरलीगंज में संभावित ठहराव पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के इस रुख से क्षेत्र के यात्रियों और जनप्रतिनिधियों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
ज्ञात हो कि पटना से पूर्णिया के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन वर्तमान में मुरलीगंज स्टेशन पर नहीं रुकती, जिससे स्थानीय यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। मुरलीगंज क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों और छात्रों ने लंबे समय से इस ट्रेन के ठहराव की मांग उठाई थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को रेल मंत्रालय और पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया था।
बुधवार को रेलवे अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुरलीगंज के प्रतिनिधिमंडल ने ठहराव की मांग को दोहराया और इसके व्यापक जनहित में होने का तर्क दिया। अधिकारियों ने मांग को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि प्रस्ताव पर तकनीकी और परिचालन दृष्टिकोण से विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा ही लिया जाएगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन के ठहराव को लेकर रेलवे बोर्ड स्तर पर समीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें ट्रेन के परिचालन समय, प्लेटफॉर्म की उपलब्धता, यात्री संख्या और क्षेत्रीय मांग जैसे कई कारकों का आकलन किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्द ही मुरलीगंज में वंदे भारत के ठहराव की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने इस आश्वासन का स्वागत करते हुए इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि वंदे भारत के ठहराव से न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा, बल्कि मुरलीगंज और आसपास के क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। अब सभी की निगाहें रेलवे बोर्ड के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं, जिसका इंतजार पूरे क्षेत्र को है।