मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र में आगामी धान खरीद सत्र को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। 2 नवंबर को प्रखंड के विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) केंद्रों पर धान खरीद के लिए आवश्यक उपकरणों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान नमी मापक यंत्रों और डिजिटल कांटों की सटीकता और कार्यक्षमता की गहन पड़ताल की गई, ताकि किसानों को खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जांच अभियान का नेतृत्व कर रहे प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि धान खरीद में पारदर्शिता और सटीक तौल सुनिश्चित करना शीर्ष प्राथमिकता है। नमी मापक यंत्रों की कैलिब्रेशन प्रक्रिया को विशेष रूप से जांचा गया, क्योंकि धान में नमी की मात्रा सीधे उसकी गुणवत्ता और किसान को मिलने वाली कीमत को प्रभावित करती है। वहीं, डिजिटल कांटों के सेंसर और डिस्प्ले की भी बारीकी से जांच की गई, ताकि तौल में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में कई बार उपकरणों की खराबी के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार समय रहते जांच होने से उम्मीद है कि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होगी। प्रखंड के कई पैक्स केंद्रों पर धान की बोरियों की व्यवस्था, भंडारण क्षमता और कंप्यूटराइज्ड टोकन प्रणाली की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, सभी पैक्स केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद शुरू होने से पहले उपकरणों का अंतिम परीक्षण पूरा कर लें। जिन केंद्रों पर तकनीकी खराबी पाई गई है, वहां तत्काल मरम्मत या प्रतिस्थापन की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन ने भी किसानों से अपील की है कि वे धान लाने से पहले अपने नजदीकी पैक्स केंद्र पर पंजीकरण और टोकन की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कांटों और नमी मापक यंत्रों की नियमित जांच से खरीद प्रक्रिया में विश्वसनीयता बढ़ती है और किसानों का सरकारी खरीद व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है। मधेपुरा सदर प्रखंड में इस बार लगभग दर्जन भर पैक्स केंद्रों के माध्यम से धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, और प्रशासन पूरी तैयारी के साथ किसानों को राहत देने के मिशन पर है।